क्या आपको PCOS की समस्या है? क्या आप जानना चाहती हैं कि कौन सी एक्सरसाइज आपके लिए सबसे फायदेमंद होगी? तो यह आर्टिकल सिर्फ आपके लिए है। आज हम विस्तार से जानेंगे कि PCOS में कौन सा व्यायाम करना चाहिए और कैसे नियमित एक्सरसाइज से आप इस समस्या को कंट्रोल कर सकती हैं।
आज के इस article में हम आपको बताएंगे कि PCOS में कौन सा व्यायाम करना चाहिए, कैसे करना चाहिए और कितनी देर करना चाहिए। हम आपको 5 ऐसी बेस्ट एक्सरसाइज के बारे में बताएंगे जो आप घर पर ही आसानी से कर सकती हैं.
PCOS क्या है?
PCOS एक हार्मोनल बीमारी है, जो खराब लाइफस्टाइल की वजह से होती है। अच्छी बात यह है कि इसे लाइफस्टाइल में बदलाव, खानपान में सुधार और नियमित एक्सरसाइज से कंट्रोल किया जा सकता है।
PCOS की मुख्य समस्याएं:
- वजन तेजी से बढ़ना
- पीरियड्स अनियमित होना
- इंसुलिन का असंतुलित होना
- हार्मोनल असंतुलन
- चेहरे पर अनचाहे बाल
- मानसिक तनाव
PCOS में एक्सरसाइज क्यों जरूरी है?
PCOD में अक्सर वजन बढ़ने की समस्या होती है, जिससे इंसुलिन संतुलित नहीं रहता और हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं। नियमित एक्सरसाइज करने से:
1. वजन नियंत्रण होता है
व्यायाम से वजन कम होता है और मोटापे से जुड़ी कई बीमारियों से बचाव होता है।
2. हार्मोनल संतुलन बेहतर होता है
नियमित व्यायाम से हार्मोन्स का संतुलन सुधरता है, जिससे पीरियड्स रेगुलर होने में मदद मिलती है।
3. इंसुलिन संतुलन में सुधार
व्यायाम करने से इंसुलिन का संतुलन सुधरता है और डायबिटीज का खतरा कम होता है।
4. मानसिक स्वास्थ्य में सुधार
एक्सरसाइज तनाव को कम करती है और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है।
5. सामान्य वेलबीइंग बढ़ती है
नियमित व्यायाम से आपकी ऊर्जा बढ़ती है और आप पूरे दिन फ्रेश रहती हैं।
PCOS में कौन सी एक्सरसाइज करनी चाहिए?
सबसे पहले – विशेषज्ञ से सलाह लें
किसी भी एक्सरसाइज को शुरू करने से पहले अपने शहर के किसी विशेषज्ञ डॉक्टर या सर्टिफाइड ट्रेनर से सलाह जरूर लें। हर किसी की बॉडी टाइप, मेडिकल प्रॉब्लम और गतिविधियां अलग-अलग होती हैं, इसलिए एक ही तरह की एक्सरसाइज सबको फायदा पहुंचाए यह जरूरी नहीं।
अपनी पसंद की एक्सरसाइज चुनें
ऐसी एक्सरसाइज और गतिविधियां चुनें जो आपको वास्तव में पसंद हों:
- जिम
- एरोबिक्स
- योग
- डांस
- तैराकी
- लंबी पैदल यात्रा
- कोई खेल
मनपसंद व्यायाम चुनने से आपको उसके प्रति उत्साह रहेगा और आप लंबे समय तक वर्कआउट कर पाएंगी।
PCOS के लिए बेस्ट एक्सरसाइज
1. स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (Strength Training)
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग PCOD के लिए सबसे फायदेमंद एक्सरसाइज है।
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के फायदे:
a) अंडाशय की चर्बी कम करता है PCOD में अंडाशय के आसपास चर्बी जमा हो जाती है, जिससे अंडाशय पर भार बढ़ जाता है और वे ठीक से काम नहीं कर पाते। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शरीर में चर्बी को एक जगह इकट्ठा होने नहीं देती।
b) मजबूत अंग, बेहतर कार्यक्षमता स्ट्रेंथ ट्रेनिंग सभी अंगों – हृदय, फेफड़े, अग्न्याशय और अंडाशय को मजबूत करती है। मजबूत अग्न्याशय का मतलब है इंसुलिन की बेहतर प्रतिक्रिया और स्थिर ब्लड शुगर।
c) हार्मोनल सामंजस्य मजबूत अंडाशय का मतलब है प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजेन जैसे हार्मोन का सही उत्पादन। इससे:
- मासिक धर्म के दौरान कम ऐंठन
- पीरियड से पहले कोई सूजन या मूड स्विंग नहीं
- नियमित ओव्यूलेशन
- सहज मासिक धर्म
d) आफ्टर बर्न इफेक्ट (After Burn Effect) यह स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का सबसे बड़ा फायदा है! वेट ट्रेनिंग के बाद, आपका शरीर अगले 36 से 48 घंटों तक सामान्य से ज्यादा दर पर फैट बर्न करता रहता है।
गणित समझें:
- 40-60 मिनट वेट ट्रेनिंग करें
- वर्कआउट के दौरान कैलोरी बर्न होती है
- अगले 36-48 घंटों तक ज्यादा फैट बर्न होता है
- कम बॉडी फैट = कम हार्मोनल असंतुलन
e) मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूती 30 साल के बाद महिलाओं में मांसपेशियां कम होने लगती हैं और चर्बी बढ़ने लगती है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग:
- मांसपेशियों को मजबूत बनाती है
- हड्डियों को सघन करती है
- शरीर को सुडौल बनाती है
f) अन्य फायदे:
- पीरियड रेगुलर होते हैं
- गर्भधारण में मदद मिल सकती है
- रक्तचाप कम होता है
- तनाव कम होता है
- अच्छी नींद आती है
- सेक्स लाइफ बेहतर होती है
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एक्सरसाइज:
a) पुश-अप्स (Push-ups)
शुरुआत में घुटनों के बल पुश-अप्स करें, फिर धीरे-धीरे नॉर्मल पुश-अप्स की ओर बढ़ें।
पुश-अप्स के फायदे:
- कैलोरी बर्न होती है
- कंधों और पीठ को मजबूती मिलती है
- संतुलन और मुद्रा में सुधार
- लचीलापन बढ़ता है
- कोई उपकरण की जरूरत नहीं
- कहीं भी कर सकते हैं
b) स्क्वाट्स (Squats)
- खड़े होकर बैठने की पोजीशन में आएं
- 15-20 बार, 3 सेट करें
- जांघें और कूल्हे मजबूत होते हैं
c) पुल-अप्स (Pull-ups)
- ऊपरी शरीर की ताकत बढ़ाते हैं
- पीठ और भुजाओं को मजबूत बनाते हैं
d) लंजेस (Lunges)
- एक पैर आगे करके नीचे झुकें
- हर पैर से 10-12 बार
- पैर और कूल्हे मजबूत होते हैं
e) प्लैंक (Plank)
- पुश-अप पोजीशन में 30-60 सेकंड रुकें
- कोर मसल्स मजबूत होती हैं
कितनी बार करें:
- हफ्ते में कम से कम 2 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जरूरी
- बेहतर रिजल्ट के लिए हफ्ते में 4 दिन करें
- धीरे-धीरे वजन बढ़ाएं
- जितना ज्यादा वजन, उतना ज्यादा फायदा
2. कार्डियो एक्सरसाइज (Cardio Exercise)
कार्डियो वसा जलाने का शानदार तरीका है, खासकर अगर यह नई गतिविधियों या कौशल सीखने से जुड़ा हो।
कार्डियो के विकल्प:
a) तेज चलना या जॉगिंग
- रोज 30-40 मिनट
- सुबह या शाम
- कैलोरी बर्न होती है
b) साइकिलिंग
- 30-45 मिनट रोज
- जोड़ों पर कम दबाव
- पूरे शरीर की एक्सरसाइज
c) डांस क्लास
- मजेदार और असरदार
- कैलोरी बर्न के साथ नया कौशल सीखें
- जुंबा या बॉलीवुड डांस
d) किक-बॉक्सिंग
- पूरे शरीर की वर्कआउट
- तनाव कम होता है
- आत्मविश्वास बढ़ता है
e) तैराकी
- संपूर्ण शरीर की एक्सरसाइज
- जोड़ों पर कोई दबाव नहीं
- गर्मियों में बेहतरीन विकल्प
f) स्किपिंग (रस्सी कूदना)
- 10-15 मिनट
- तेजी से कैलोरी बर्न
- दिल के लिए अच्छा
कार्डियो के फायदे:
- वजन कम होता है
- पेट की चर्बी घटती है
- इंसुलिन का स्तर कम होता है
- हृदय स्वास्थ्य बेहतर होता है
3. योग और प्राणायाम
योग PCOS के लिए बहुत फायदेमंद है। यह हार्मोन्स को संतुलित करने में मदद करता है।
PCOS के लिए बेस्ट योगासन:
a) सूर्य नमस्कार
- पूरे शरीर की एक्सरसाइज
- रोज 10-12 राउंड
- वजन घटाने में मदद
b) भुजंगासन (Cobra Pose)
- पेट के बल लेटकर ऊपर उठें
- प्रजनन अंगों को उत्तेजित करता है
- अंडाशय को मजबूत बनाता है
c) धनुरासन (Bow Pose)
- पेट के बल लेटकर हाथ-पैर पकड़कर उठें
- हार्मोन संतुलित करता है
- अंडाशय के लिए फायदेमंद
d) बालासन (Child Pose)
- घुटनों के बल बैठकर आगे झुकें
- तनाव कम करता है
- बहुत आसान
e) बटरफ्लाई पोज (तितली आसन)
- बैठकर दोनों पैरों के तलवे जोड़ें
- ऊपर-नीचे हिलाएं
- पीरियड्स रेगुलर करता है
- प्रजनन अंगों के लिए उत्तम
f) वीरभद्रासन (Warrior Pose)
- सहनशक्ति बढ़ाता है
- पूरे शरीर को मजबूत बनाता है
g) उत्तानपादासन (Leg Raise)
- पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है
- पाचन में सुधार
h) अर्धमत्स्येन्द्रासन (Half Spinal Twist)
- पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है
- अंडाशय को मसाज मिलती है
प्राणायाम:
a) कपालभाति
- तेज-तेज सांस छोड़ें
- 5-10 मिनट रोज
- पेट की चर्बी घटती है
- पाचन बेहतर होता है
b) अनुलोम-विलोम
- बारी-बारी से नाक के दोनों छिद्रों से सांस लें
- तनाव कम करता है
- मन शांत होता है
c) नाड़ी शोधन प्राणायाम
- हार्मोन संतुलित करता है
- शरीर को डिटॉक्स करता है
d) भ्रामरी प्राणायाम
- तनाव और चिंता कम करता है
- नींद अच्छी आती है
योग के फायदे:
- तनाव कम होता है
- हार्मोन संतुलित होते हैं
- पीरियड्स रेगुलर होते हैं
- मानसिक शांति मिलती है
- शरीर लचीला बनता है
4. पाइलेट्स (Pilates)
पाइलेट्स शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को संतुलित करने में मदद करता है।
फायदे:
- कोर स्ट्रेंथ बढ़ती है
- लचीलापन बेहतर होता है
- मन-शरीर संबंध मजबूत होता है
- मुद्रा सुधरती है
5. हाइड्रोथेरेपी (Water Exercise)
पानी में व्यायाम करना, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें:
- जोड़ों में दर्द है
- बहुत ज्यादा वजन है
- शुरुआत में एक्सरसाइज मुश्किल लगती है
फायदे:
- कम स्ट्रेन
- शारीरिक दर्द कम होता है
- जोड़ों पर कम दबाव
- पूरे शरीर की वर्कआउट
PCOS के लिए परफेक्ट वर्कआउट प्लान
शुरुआती लोगों के लिए (पहले 2-4 हफ्ते):
सोमवार:
- 5 मिनट वार्म-अप
- 20 मिनट तेज चलना
- 10 मिनट योग
- 5 मिनट स्ट्रेचिंग
मंगलवार:
- बॉडीवेट एक्सरसाइज (घुटनों वाले पुश-अप्स, स्क्वाट्स)
- 10-15 मिनट
- योग 10 मिनट
बुधवार:
- आराम या हल्का योग
गुरुवार:
- 25 मिनट वॉकिंग
- 10 मिनट योग
शुक्रवार:
- बॉडीवेट ट्रेनिंग 15 मिनट
- योग 10 मिनट
शनिवार:
- 30 मिनट डांसिंग या साइकिलिंग
- स्ट्रेचिंग
रविवार:
- आराम या सिर्फ प्राणायाम
इंटरमीडिएट लेवल (2 महीने बाद):
सोमवार:
- स्ट्रेंथ ट्रेनिंग 30 मिनट
- योग 15 मिनट
मंगलवार:
- कार्डियो 35 मिनट (जॉगिंग/डांस)
- प्राणायाम 10 मिनट
बुधवार:
- योग और स्ट्रेचिंग 30 मिनट
गुरुवार:
- स्ट्रेंथ ट्रेनिंग 35 मिनट
- हल्का कार्डियो 15 मिनट
शुक्रवार:
- कार्डियो 40 मिनट
- योग 10 मिनट
शनिवार:
- स्ट्रेंथ ट्रेनिंग 30 मिनट
- योग 15 मिनट
रविवार:
- आराम या एक्टिव रिकवरी (हल्की वॉक, योग)
शुरुआत कैसे करें – महत्वपूर्ण टिप्स
1. धीरे-धीरे शुरू करें
अगर आपने अभी हाल में एक्सरसाइज शुरू की है:
- वर्कआउट को धीरे-धीरे अपनी स्ट्रेंथ के हिसाब से करें
- कुछ महीने सिर्फ बॉडीवेट ट्रेनिंग करें
- अचानक से कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शुरू करने से शरीर को नुकसान हो सकता है
2. लंबे समय से वर्कआउट कर रहे हैं तो:
- पहले स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें
- उसके बाद कार्डियो ट्रेनिंग करें
- इससे बेहतर रिजल्ट मिलते हैं
3. संतुलित वर्कआउट रूटीन
- कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग दोनों शामिल करें
- योग और प्राणायाम जरूर करें
- लचीलेपन वाली एक्सरसाइज न भूलें
4. लचीलेपन का ध्यान रखें
- हर वर्कआउट के बाद स्ट्रेचिंग जरूर करें
- योग को नियमित रूटीन में शामिल करें
- चोट से बचने के लिए यह बहुत जरूरी है
प्रेरित कैसे रहें?
. मनपसंद एक्सरसाइज चुनें
अगर आपको जिम पसंद नहीं, तो डांसिंग, तैराकी या कोई खेल चुनें। जो पसंद हो, वही करें।
2. छोटे लक्ष्य बनाएं
“20 किलो वजन कम करना है” की जगह “इस महीने 2 किलो कम करूंगी” सोचें।
3. किसी के साथ करें
दोस्त, बहन या किसी फैमिली मेंबर के साथ एक्सरसाइज करें। मोटिवेशन बना रहेगा।
4. प्रोग्रेस ट्रैक करें
डायरी में लिखें:
- आज कितनी देर एक्सरसाइज की
- कैसा महसूस हुआ
- वजन में क्या फर्क आया
5. खुद को इनाम दें
एक हफ्ता रेगुलर एक्सरसाइज की तो अपने आप को कुछ खास दें।
6. म्यूजिक का इस्तेमाल करें
अपने फेवरेट गानों पर वर्कआउट करें। मजा भी आएगा और समय भी जल्दी निकल जाएगा।
7. सोशल मीडिया ग्रुप ज्वाइन करें
PCOS वाली दूसरी महिलाओं से जुड़ें। उनके अनुभव से सीखें और प्रेरणा लें।
महत्वपूर्ण सावधानियां
क्या करें:
- नियमितता बनाए रखें
- पानी खूब पिएं
- सही कपड़े और जूते पहनें
- वार्म-अप और कूल-डाउन जरूर करें
- अपने शरीर की सुनें
क्या न करें:
- ओवर एक्सरसाइज न करें
- बहुत ज्यादा थकान तक न करें
- खाना बंद न करें
- एक ही तरह की एक्सरसाइज रोज न करें
- नींद की कमी न रखें
डाइट के साथ कंबाइन करें
एक्सरसाइज के साथ सही खाना बहुत जरूरी है:
खाएं:
- हरी सब्जियां
- ताजे फल
- दालें और अनाज
- ड्राई फ्रूट्स (सीमित मात्रा में)
- दही और प्रोबायोटिक्स
- प्रोटीन युक्त खाना
ना खाएं:
- मैदा और तली चीजें
- प्रोसेस्ड फूड
- ज्यादा चीनी
- कोल्ड ड्रिंक्स
- जंक फूड
रिजल्ट कब दिखेंगे?
1 महीने में:
- एनर्जी लेवल बढ़ेगा
- नींद बेहतर आएगी
- मूड में सुधार
- थोड़ा वजन कम होगा
2-3 महीने में:
- वजन में अच्छा फर्क
- पीरियड्स ज्यादा रेगुलर होंगे
- त्वचा में निखार
- आत्मविश्वास बढ़ेगा
6 महीने में:
- पीरियड्स पूरी तरह रेगुलर
- वजन में महत्वपूर्ण कमी
- हार्मोन संतुलित
- PCOS के लक्षणों में काफी सुधार
कब डॉक्टर से मिलें?
- एक्सरसाइज शुरू करने से पहले चेकअप करवाएं
- अगर कोई दूसरी हेल्थ प्रॉब्लम है तो डॉक्टर से पूछें
- एक्सरसाइज के बाद बहुत ज्यादा दर्द या थकान हो तो डॉक्टर को बताएं
- अगर पीरियड्स 3-4 महीने में भी रेगुलर नहीं हों
याद रखने योग्य मुख्य बातें
- नियमितता सबसे जरूरी है – रोज थोड़ी देर एक्सरसाइज करें
- स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को प्राथमिकता दें – यह PCOS के लिए सबसे फायदेमंद है
- योग और प्राणायाम जरूर करें – हार्मोन संतुलन के लिए बेहतरीन
- कार्डियो भी शामिल करें – वजन कम करने में मदद
- धीरे-धीरे बढ़ाएं – जल्दबाजी न करें
- डाइट का ध्यान रखें – एक्सरसाइज अकेले काफी नहीं
- पूरी नींद लें – 7-8 घंटे जरूरी
- तनाव कम करें – मेडिटेशन और प्राणायाम करें
निष्कर्ष
PCOS को लाइफस्टाइल और एक्सरसाइज से कंट्रोल किया जा सकता है। सबसे महत्वपूर्ण है नियमितता और सही तरीके से एक्सरसाइज करना। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, कार्डियो और योग का संतुलित मिश्रण आपको बेहतरीन रिजल्ट देगा।
याद रखें – हर छोटा कदम आपको स्वस्थ जीवन की ओर ले जाता है। आज से ही शुरुआत करें, लेकिन पहले अपने डॉक्टर या ट्रेनर से सलाह जरूर लें।
आपकी सेहत आपके हाथ में है। आज से ही अपनी PCOS जर्नी शुरू करें और एक हेल्दी, खुशहाल जीवन जिएं! 💪
नोट: यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। कोई भी नई एक्सरसाइज रूटीन शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
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1 thought on “PCOS में कौन सा व्यायाम करें – घर पर करें ये 5 बेस्ट एक्सरसाइज”
bahut achha likha hai aapne