PCOS का नाम बदलकर PMOS क्यों रखा गया? जानिए पूरी जानकारी

PCOS new name PMOS

पिछले कई सालों से करोड़ों महिलाएं जिस बीमारी को PCOS (Polycystic Ovary Syndrome) के नाम से जानती आ रही थीं, अब उसकी पहचान पूरी तरह बदल गई है। 14 साल की लंबी रिसर्च और दुनिया भर के 22,000 से ज्यादा महिलाओं और डॉक्टरों की राय के बाद, PCOS का नाम बदलकर PMOS (Polyendocrine Metabolic Ovarian Syndrome) रखा गया है

मई 2026 में दुनिया की सबसे बड़ी मेडिकल जर्नल The Lancet में एक बड़ी खबर छपी। दुनियाभर के 56 डॉक्टरी संगठनों ने — जिनमें 22,000 से ज़्यादा महिलाओं और डॉक्टरों की राय ली गई — यह फैसला किया कि PCOS का नाम गलत है। और इसे बदलकर PMOS कर दिया गया ताकि बीमारी को बेहतर तरीके से समझाया जा सके और महिलाओं को बेहतर इलाज मिल सकें

PCOS का नाम बदलकर PMOS क्यों रखा गया?

पहले इस बीमारी का नाम था PCOS यानी Polycystic Ovary Syndrome। इस नाम से लगता था कि बीमारी सिर्फ अंडाशय (Ovary) में होती है और उसमें सिस्ट यानी गांठ बनती हैं।

लेकिन जब दुनियाभर के डॉक्टरों ने गहराई से रिसर्च की तो सच्चाई कुछ और निकली — इस बीमारी में ज़्यादातर महिलाओं की Ovary में कोई असामान्य सिस्ट होती ही नहीं। और यह सिर्फ Ovary की नहीं बल्कि पूरे शरीर के हार्मोन, चयापचय और मानसिक स्वास्थ्य की बीमारी है।

रिसर्च में कहा गया है कि गलत नाम की वजह से लाखों महिलाओं को सालों तक गलत इलाज मिलता रहा। डॉक्टर सिर्फ Ovary देखते रहे और बाकी लक्षण नज़रअंदाज़ होते रहे। इसीलिए मई 2026 में दुनिया की सबसे बड़ी मेडिकल जर्नल The Lancet में यह बड़ा फैसला छपा — दुनियाभर के 56 डॉक्टरी संगठनों ने PCOS का नाम बदलकर PMOS कर दिया।

पुराना नाम — PCOS (Polycystic Ovary Syndrome)

नया नाम — PMOS (Polyendocrine Metabolic Ovarian Syndrome)

PMOS क्या है? (What is PMOS in Hindi)

PMOS महिलाओं में होने वाली एक हार्मोनल और मेटाबॉलिक समस्या है। इसमें शरीर के हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं, जिससे पीरियड्स, वजन, स्किन, बाल और प्रजनन क्षमता प्रभावित हो सकती है। PMOS सिर्फ अधिक वजन वाली महिलाओं को नहीं होता, बल्कि दुबली पतली महिलाओं को भी हो सकता है

नए नाम का मतलब क्या है?

Poly + Endocrine — मतलब शरीर के कई हार्मोन सिस्टम एक साथ प्रभावित होते हैं।

Metabolic — मतलब यह बीमारी वज़न, इंसुलिन और मेटाबॉलिज्म से गहराई से जुड़ी है।

Ovarian Syndrome — इसका असर महिलाओं की Ovary और पीरियड्स पर भी पड़ता है।

इस बदलाव से महिलाओं को क्या फायदा होगा?

– बीमारी को बेहतर तरीके से समझा जाएगा

– जल्दी और सही निदान होगा

– महिलाओं में जागरूकता बढ़ेगी

– इलाज और सटीक होगा

– शर्म और गलतफहमियां कम होंगी

PMOS के लक्षण — इन्हें पहचानिए

हर महिला में अलग-अलग लक्षण हो सकते हैं। ज़रूरी नहीं कि सब एक साथ हों। अगर नीचे में से कुछ भी आपको हो रहा है तो एक बार डॉक्टर से ज़रूर मिलें —

1. अनियमित पीरियड्स — पीरियड्स समय पर न आना या कई महीनों तक बंद रहना।

2. तेज़ी से वज़न बढ़ना — खासकर पेट के आसपास चर्बी जमा होना।

3. चेहरे पर अनचाहे बाल — चेहरे, ठुड्डी, पेट या छाती पर ज़्यादा बाल आना।

4. मुंहासे और ऑयली स्किन — हार्मोनल बदलाव के कारण, खासकर जबड़े पर।

5. सिर के बाल झड़ना — बाल पतले होना या तेज़ी से झड़ना।

6. बच्चा होने में परेशानी — ओव्यूलेशन सही से न होने के कारण बच्चे होने में परेशानी हो सकता है।

7. थकान और मूड स्विंग — हर वक्त थकान, उदासी या चिंता महसूस होना।

8. गर्दन या बगल की त्वचा का काला पड़ना — यह इंसुलिन रेजिस्टेंस की निशानी है।

ज़रूरी बात — PMOS सिर्फ अधिक वजन वाली महिलाओं को नहीं होता, बल्कि पतली- दुबली महिलाओं को भी हो सकता है।

अगर ऊपर बताए कोई भी लक्षण आपको हैं तो किसी Gynecologist या Endocrinologist से मिलें। जितनी जल्दी पता चले, उतनी जल्दी काबू में आए।

PMOS क्यों होता है?

इसका कोई एक कारण नहीं है। यह कई चीज़ों के मेल से होता है —

1. जेनेटिक — अगर मम्मी, बहन या नानी को PMOS है तो आपको भी होने की संभावना ज़्यादा रहती है। यह जीन्स के ज़रिए आता है — आपकी कोई गलती नहीं।

2. इंसुलिन रेजिस्टेंस — शरीर इंसुलिन को ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाता। यही PMOS की सबसे बड़ी जड़ है।

3. हार्मोन का असंतुलन — दो ज़रूरी हार्मोन LH और FSH का अनुपात बिगड़ जाता है, जिससे हर महीने अंडा सही से नहीं बनता।

4. जीवनशैली का असर — जंक फूड, नींद की कमी, तनाव और कम exercise इस बीमारी को और बढ़ा देते हैं। हालांकि यह अकेला कारण नहीं है — इसलिए खुद को दोष मत दें।

क्या PMOS खतरनाक है?

अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो आगे चलकर इन बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है —

– डायबिटीज़

– हाई ब्लड प्रेशर

– मोटापा

– थायरॉइड की समस्या

– हार्ट डिज़ीज़

लेकिन घबराइए नहीं। अगर समय पर सही कदम उठाए जाएं — सही खानपान, exercise और डॉक्टर की सलाह — तो इन सभी खतरों को आसानी से टाला जा सकता है। हज़ारों महिलाएं PMOS के साथ बिल्कुल सामान्य और स्वस्थ जीवन जी रही हैं।

PMOS का इलाज — क्या ठीक हो सकती है?

सीधे शब्दों में कहे तो PMOS पूरी तरह खत्म नहीं होता, लेकिन इसे मेनेज किया जा सकता है।

1. खानपान सबसे पहला इलाज है

क्या खाएं —

– हरी सब्जियां, दाल, सलाद

– फल, ओट्स, ड्राई फ्रूट्स

– प्रोटीन युक्त भोजन जैसे दही, अंडा, पनीर

क्या कम करें —

– मीठा, मैदा, कोल्ड ड्रिंक

– तला हुआ और जंक फूड

– ज़्यादा प्रोसेस्ड फूड

2. रोज़ थोड़ा चलना-फिरना ज़रूरी है

हफ्ते में 5 दिन सिर्फ 30 मिनट तेज़ चलना भी बहुत काम आता है। इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस कम होता है और हार्मोन संतुलित होते हैं।

3. नींद और तनाव को हल्के में मत लें

रात को 7-8 घंटे की नींद बहुत ज़रूरी है। तनाव का हार्मोन Cortisol सीधे PMOS को बिगाड़ता है। मन का ख्याल रखना भी इलाज का हिस्सा है।

जरुरी बात

PMOS सिर्फ शरीर की बीमारी नहीं है। चेहरे पर बाल, बढ़ता वज़न, अनियमित पीरियड्स — यह सब मिलकर आत्मविश्वास तोड़ते हैं। और ऊपर से जब लोग कहें “बस खाना कम करो” या “आलस मत करो” — तो और तकलीफ होती है।

शोध बताते हैं कि PMOS वाली महिलाओं में उदासी और चिंता की समस्या काफी ज़्यादा होती है।

आपसे एक बात कहना चाहते हैं — यह आपकी गलती नहीं है। यह एक मेडिकल बीमारी है जैसे डायबिटीज़ या थायरॉइड। इसमें शर्म की कोई बात नहीं। अगर मन ठीक नहीं लग रहा तो किसी से बात करें — दोस्त से, परिवार से, या किसी काउंसलर से। आप अकेली नहीं हैं।

निष्कर्ष

PMOS महिलाओं में तेज़ी से बढ़ रही एक गंभीर हार्मोनल समस्या है — लेकिन यह ज़िंदगी का अंत नहीं है। सही जानकारी, हेल्दी लाइफस्टाइल और समय पर इलाज से इसे पूरी तरह काबू में रखा जा सकता है।

अगर आपको अनियमित पीरियड्स, वज़न बढ़ना या हार्मोनल बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दें — तो इन्हें नज़रअंदाज़ न करें। डॉक्टर से मिलें, सही जानकारी लें और खुद का ख्याल रखें।

याद रखें — आप इस बीमारी से बड़ी हैं। और सही कदम उठाकर आप एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन ज़रूर जी सकती हैं। 💙

इस आर्टिकल को शेयर करें — शायद किसी सहेली, बहन या परिवार की किसी महिला की मदद हो जाए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

PMOS और PCOS में क्या अंतर है?

PMOS, PCOS का नया नाम है। बीमारी वही है, लेकिन नया नाम इसे बेहतर तरीके से समझाता है। पुराने नाम से लगता था कि सिर्फ Ovary में सिस्ट है — नया नाम बताता है कि यह पूरे शरीर के हार्मोन और मेटाबॉलिज्म की बीमारी है।

क्या PMOS में प्रेग्नेंसी हो सकती है?

हाँ, बिल्कुल। सही इलाज और लाइफस्टाइल से अधिकांश महिलाएं माँ बन सकती हैं।

क्या वज़न कम करने से PMOS ठीक हो सकता है?

वज़न कंट्रोल करने से लक्षण काफी कम हो सकते हैं, लेकिन सिर्फ वज़न कम करना काफी नहीं — डॉक्टर की सलाह भी ज़रूरी है।

क्या PMOS सिर्फ मोटी महिलाओं को होता है?

नहीं, पतली महिलाओं को भी PMOS हो सकता है।

अगर पहले PCOS डायग्नोज़ हुआ था तो क्या करें?

घबराएं नहीं। नाम बदला है, बीमारी वही है। आपका इलाज वैसे ही चलेगा। बस अब समझ बेहतर होगी।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।

wajan kam kaise karen

 PMOS  के बारे में अधिक जानने के लिए इस आर्टिकल को पढ़े……….Polyendocrine Metabolic Ovarian Syndrome: 

PCOS new name PMOS

Related Posts

Leave a Comment

Start Your Transformation Now

* Online consultations are available to individuals living outside Salt Lake County.

0 Shares
0 Shares
Share via
Copy link
Powered by Social Snap